UROOJ NA JAWAAL
UROOJ NA ZAWAAL
उरूज न ज़व्वाल
🍁🍁🍁🍁
कोई उरूज दे ना ज़वाल दे,
मुझे सिरफ इतना कमाल दे_,
मुझे अपनी राह मे डाल दे_,
की ज़माना मेरी मिसाल दे_
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तेरी रहमतों का नुज़ूल हो, _
मुझे मेहनतों का सिला मिले, _
मुझे माल ओ ज़र की हवस ना हो, _
मुझे बस तू रिज़क ऐ हलाल दे__
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मेरे ज़ैहन मे तेरी फ़िकर हो, _
मेरी सास मैं तेरा ज़िक्र हो, _
तेरा खौफ मेरी निजात हो, _
सभी खौफ दिल से निकाल डे_
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तेरी बारग़ाह मैं ऐ खुदा, _
मेरी रोज़ ओ शब है यही दुआ, _
तू रहीम है, तू करीम है, _
मुझे मुशकिलों से निकल दे__
आमीन ।
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*Dr.Allama Iqbal
डॉ.अल्लमा इकबाल
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