Meri kya khta

         

मेरी ख़ता
खता क्या हुइ कुछ पता  ना चला, 
सज़ा के यूँही हक़दार बन गया ।।।
🌵🌵🌵🌵
वज़ह जान पातें ये हक ना मिला, 
बेवजह ही हम गुनहगार बन गया ।।।।

Salma siddiqui

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