Ehsaas E Zindagi
EHSAAS E ZINDAGI
अहसास ऐ जिदंगी
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जी राहें हैं हम तो बंके एक ज़िंदा लाश,, सुखा हुआ दरख्त हें कोइ नही हे शाख,,
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मंज़िल तो हैं बहोत मगर रास्ता नही है पास,,,
सेह चुकें हैं ग़म इतने के खुसी की रही ना आस,,,
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मौत भी आती नहीं है आता नही हे सांस,,
ढोक मिले हैं इतने के टूट गया विश्वास !!!
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अपने तो होतें हैं सिर्फ नाम के,,
यह भी आज हमे हो गया अहसास !!!
Salma Siddiqui
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